- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
पिता विलासराव देशमुख की जयंती पर रितेश देशमुख को मिला सम्मान, महाराष्ट्र की संस्कृति को विश्वभर में पहुंचाने के लिए हुए सम्मानित
रितेश विलासराव देशमुख इन दिनों अपनी हालिया फिल्म ‘राजा शिवाजी’ की सफलता का जश्न मना रहे हैं। फिल्म की शानदार थिएटर रन के बीच अभिनेता को हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के गौरव को समर्पित इस खास मौके पर रितेश देशमुख ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई प्रमुख मंत्रियों और आयुक्तों की मौजूदगी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस सम्मान को और भी खास बनाने वाली बात यह रही कि यह पुरस्कार उन्हें उनके दिवंगत पिता विलासराव देशमुख की जयंती के अवसर पर प्रदान किया गया। इस वजह से यह पल अभिनेता के लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया।
यह सम्मान रितेश विलासराव देशमुख द्वारा अपनी फिल्मों के माध्यम से महाराष्ट्र की संस्कृति, जड़ों और समृद्ध इतिहास को पहचान दिलाने के प्रयासों को भी सलाम करता है। उनकी कहानियां सिर्फ प्रभाव नहीं छोड़तीं, बल्कि दर्शकों के दिलों से गहराई से जुड़ती हैं।
‘वेड’ और ‘लाई भारी’ के बाद रितेश विलासराव देशमुख ने ‘राजा शिवाजी’ के जरिए एक बार फिर निर्देशन की कमान संभाली। यह ऐतिहासिक फिल्म राष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली मराठी फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने दुनियाभर में 114.8 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है।
भव्यता और ऐतिहासिक प्रस्तुति के अलावा, फिल्म ने दर्शकों के बीच महाराष्ट्र की विरासत और भारत के महान योद्धा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणादायक कहानी को जीवंत कर खास पहचान बनाई है।
इस हालिया सम्मान के बाद अब दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है कि रितेश विलासराव देशमुख आगे भी ऐसी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और अर्थपूर्ण कहानियां बड़े पर्दे पर लेकर आएंगे।


